क्या होती है शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता और कैसे करे इसे मजबूत?

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शरीर के रोगो से लड़ने की क्षमता को रोग प्रतिरोधक क्षमता कहा जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता विषाणुओ तथा परजीवी कृमिओं की पहचान करने मैं सक्षम होती है तथा उनको शरीर के अंगो को क्षति पहचाने से रोक कर रोगो से लड़ने में शरीर की मदत करती है। यह भी देखा जा रहा है कि जो लोग कोरोना वायरस से संकर्मित हो रहें है तथा उनकी के रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है उन पर इस वायरस कर असर लगभग न के बराबर है तथा वह जल्द ही स्वस्थ होकर घर लोट रहें हैं।

कुछ लोगो में यह क्षमता कमज़ोर होती है तथा कुछ लोगो की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत मजबूत होती है। खानपान की लापरवाही, अच्छी नींद न लेना, नशा करना, व्यायाम न करना इतियादी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करने के मुख्य कारक माने जाते है कुछ लोगो में जन्मजात कमजोरी की वजह से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है। जिन लोगो की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है उन्हें घबराने की जरुरत नहीं है तथा इस क्षमता का विकास करना संभव है, निम्नलिखित बातो का अनुसरण कर आप अपनी इस क्षमता को मजबूत बना सकते है:

समय पर भोजन करना:
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग भोजन पर ध्यान नहीं देते तथा सुबह का नशा भी नहीं करते हैं। समयानुसार भोजन न करना आपकी प्रतिरोधक क्षमता पर बुरा प्रभाव डालता है अगर आप अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहते है तो तीनो भोजन समयानुसार ही करे तथा जितनी भी जल्दी क्यों न हो नाश्ता न छोड़े। कोशिश करे की आपका भोजन संतुलित हो तथा उसमे विटामिन्स, प्रोटीन्स, कॅल्शियम तथा अन्य जरुरी तत्व भरपूर मात्रा में हो।

अच्छी नींद लेना:
विशेष्यज्ञों के अनुसार नींद के दौरान प्राणी का शरीर तथा मष्तिष्क अपनी क्षतिपूर्ति करता है इसी कारण कहा जाता है कि अगर आप एक स्वस्थ और सक्रीय जीवन जीना चाहते है तो आपको नियमित तोर पर कम से कम 8 घंटे की गहरी नींद लेना अनिवार्य है। आवश्यकता से कम नींद लेना आपको शरीर तथा मानसिक तोर पर करज़ोर करता है तथा आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को क्षीण करता है।

सक्रीय रहना तथा नियमित व्यायाम करना:
मजबूत प्रतिरोधक क्षमता के लिए एक्टिव रहना तथा नियमित व्यायाम करना अनिवार्य है। प्रतिरोधक क्षमता का कमज़ोर होने में आपकी शारीरिक निष्क्रियता का बहुत बड़ा स्थान होता है। नियमित व्यायाम करने, योग करने तथा मैडिटेशन (ध्यान लगाने) करने से आपकी शारीरिक तथा मानसिक क्षमता का विकास होता है, आपके मस्तिष्क तथा शरीर मैं सुफुर्ति आती, पाचन शक्ति का विकास होता।

नशीले तथा मादक प्रदार्थो से दूर रहना:
नशे की लत शरीर को कमजोर बनती है तथा विशेष्यज्ञों का मानना है कि नशा मनुष्य के मष्तिस्क, शरीर तथा प्रतिरोधक क्षमता पर बहुत ही विपरीत प्रभाव डालती है। अगर आप एक अच्छा रोगमुक्त जीवन जीना चाहते है तो नशे से दुरी बना कर रखे।

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